खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (031) लुक़मान
सूरह (031) लुक़मान मकम्मल
(i) तैहीद (अल्लाह की क़ुदरत के दलाएल)
● बग़ैर pillers का आसमान
● मज़बूत और भारी भरकम पहाड़।
● चौपाए और रेंगने वाले कीड़े
● आसमान से बारिश और ज़मीन पर हर तरह के हसीन जोड़े
(ii) लुक़मान हकीम की बेटे को वसीयत
● शिर्क कभी मत करना
● अगर राई के दाने के बराबर भी कुछ हो और फिर वह किसी सख़्त पत्थर के अन्दर या आसमान में या ज़मीन में (छुपी हुई) हो तो भी अल्लाह उसे (आख़िरत के दिन) हाज़िर कर देगा।
● नमाज़ क़ायम करो, भलाई का हुक्म दो, बुराई से रोको और इस रास्ते में जो भी तकलीफ़ पहुंचे उसपर सब्र करो।
● लोगों से मुंह बिगाड़ कर बात न कर और न ज़मीन पर अकड़ कर चलो।
● अपनी चाल दरमियानी और अपनी आवाज़ को पस्त रखो, क्योंकि नापसंदीदा आवाज़ गधे की आवाज़ है।
लुक़मान की नसीहत के साथ अल्लाह ने वालिदैन की इताअत को और शामिल किया है कि अल्लाह और उसके रसूल की नाफ़रमानी के इलावा तमाम मामलात में उनकी इताअत ज़रूरी है। (13 से 19)
(iii) अल्लाह के एहसान अनगिनत हैं
धरती में जो पेड़ हैं अगर वह सब कलम बन जायें और समुद्र, सात अन्य समुद्रों के साथ स्याही बन जायें, तब भी अल्लाह की बातें समाप्त न हों। निस्सन्देह अल्लाह सर्वशक्तिमान और विवेकवाला (हलीम) है। (27)
(iv) पांच चीजों का इल्म सिर्फ़ अल्लाह तआला को है
● क़यामत कब आएगी।
● बारिश कब कहाँ और कितनी होगी।
● मां के पेट में क्या (लड़की या लड़का, गोरा या काला, सही सालिम या विकलांग) परवरिश पाएगा।
● इंसान कल क्या करेगा या कल क्या कमायेगा।
● मौत कब और कहां आएगी। (34)
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