अल-मुता’आली ٱلْمُتَعَالِي
अल्लाह ﷻ नाम सर्वशक्तिमान, सारी क़ायनात बनाने वाले ख़ालिक का वो नाम है, जो कि सिर्फ उस ही के लिए है और इस नाम के अलावा भी कई और नाम अल्लाह के हैं जो हमे अल्लाह की खूबियों से वाकिफ़ करवाते हैं। अल्लाह ﷻ के ही लिए हैं खूबसूरत सिफाती नाम। इन को असमा-उल-हुस्ना कहा जाता है। ये नाम हमें अल्लाह की खूबियाँ बताते हैं। अल्लाह के खूबसूरत नामों में से एक नाम है अल-मुता’आली।
अल-मुता’आली - इसके रुट हैं - ع ل و - जिसका अरबी मतलब होता है ऊँचा, बहुत ऊपर, बहुत आला, सबसे बुलंद। ये नाम अल अलीय के साथ एक ही रुट है जिसका मतलब होता है बुज़ुर्ग, बरतर, आला। अल मुता'अली इसका मुबालगा वाला नाम है जिसका माना है सबसे ज़्यादा ऊंचा, सबसे बाला और बरतर, सबसे बुलंद और आला।
अल्लाह सुब्हान व तआला, सबसे बुलंद है हर ऐतबार से, अपनी हर सिफ़ात में सबसे बुलंद और इज़्ज़त का मालिक, सबसे बरतर ताकत और इक्तिदार का मालिक है। अल्लाह सुब्हान व तआला सबसे बुलंद अर्श पर मुस्तावि है और सारी कायनात का इहाता किये हुए है। अल्लाह सुब्हान व तआला की हर सिफ़ात हर ऐब से पाक, सबसे बुलंद, बरतर, सबसे आला है।
अल्लाह सुब्हान व तआला की हिकमत, ताकत, इल्म, इक्तिदार, इन्साफ के ऐतबार से सबसे बालातर और बुलंद है। अल्लाह सुब्हान व तआला के इस रुट के तीन नाम हैं अल अलीय (बुलंद), अल आला (बुलन्दतर) और अल मुता'आली (बुलन्दतरीन)
إِلَّا ٱبۡتِغَآءَ وَجۡهِ رَبِّهِ ٱلۡأَعۡلَىٰ
वो तो सिर्फ़ अपने रब्बे-बरतर की रज़ाजूई के लिये ये काम करता है 92:20
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡحَقُّ وَأَنَّ مَا يَدۡعُونَ مِن دُونِهِۦ هُوَ ٱلۡبَٰطِلُ وَأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡعَلِيُّ ٱلۡكَبِيرُ
ये इसलिये कि अल्लाह ही हक़ (सत्य) है और वो सब बातिल (असत्य) हैं जिन्हें अल्लाह को छोड़कर ये लोग पुकारते हैं और अल्लाह ही बुलन्द और बुज़ुर्ग है। अल क़ुरआन 22:62
لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۖ وَهُوَ ٱلۡعَلِيُّ ٱلۡعَظِيمُ
आसमानों और ज़मीन में जो कुछ भी है, उसी का है। वो सबसे बरतर और अज़ीम (महान) है। अल क़ुरआन 42:4
أَمَّن يَهۡدِيكُمۡ فِي ظُلُمَٰتِ ٱلۡبَرِّ وَٱلۡبَحۡرِ وَمَن يُرۡسِلُ ٱلرِّيَٰحَ بُشۡرَۢا بَيۡنَ يَدَيۡ رَحۡمَتِهِۦٓۗ أَءِلَٰهٞ مَّعَ ٱللَّهِۚ تَعَٰلَى ٱللَّهُ عَمَّا يُشۡرِكُونَ
और वो कौन है जो ख़ुश्की (थल) और समन्दर के अंधियारों में तुमको रास्ता दिखाता है(78) और कौन अपनी रहमत के आगे हवाओं को ख़ुशख़बरी लेकर भेजता है? क्या अल्लाह के साथ कोई दूसरा ख़ुदा भी (ये काम करता) है? बहुत बुलन्द और बरतर है अल्लाह उस शिर्क से जो ये लोग करते हैं। अल क़ुरआन 27:63
عَٰلِمُ ٱلۡغَيۡبِ وَٱلشَّهَٰدَةِ ٱلۡكَبِيرُ ٱلۡمُتَعَالِ
वो छिपी और खुली हर चीज़ को जानता है। वो बुज़ुर्ग है और हर हाल में सबसे बड़ा बनकर रहनेवाला है।
अल क़ुरआन 13:9
अल्लाह सुब्हान व तआला की बुलंदी और आला सिफ़ात जान् कर हम अपने आमाल को बेहतरीन बना सकते हैं अहद करें के जिसकी रज़ामंदी हम अपने आमाल के जरिये हासिल करना चाहते हैं उसके दरजात कितने बुलंद हैं तो हम भी अपने आमाल को बेहतरीन तरीके से अंजाम दें। अब्दुल्लाह इब्न ए अम्र से रिवायत है के नबी करीम (ﷺ) ने फ़रमाया कि किसी अच्छे काम का अच्छा बदला देना सिला-रहमी नहीं है बल्कि सिला-रहमी करने वाला वो है कि जब उसके साथ सिला रहमी का मामला न किया जा रहा हो तब भी वो सिला रहमी करे। (बुखारी 5991) यानि कोई हमारे साथ बुरा करे तब भी उसके साथ अच्छा करना है। ये करना तभी मुमकिन हो पायेगा जब हमे लोगों से भलाई की उम्मीद न हो मगर हम सिर्फ अपने सबसे बुलंद और बरतर रब ए करीम की रज़ामंदी के लिए आमाल करें।
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