हजरत मुहम्मद ﷺ के अल्लाह के पैग़म्बर होने के सबूत।
फिरोन की लाश
कुरआन ने आज से 1400 साल पहले एक बात हमको मिस्र के फिरोन के बारे में बताई थी जिसने खुद के खुदा होने का दावा किया था जिसने अपने कई मंदिर और मूर्तियां बनाई थी और खुद को खुदा ही मानता था। और उसने बनी-इसराईल कौम को गुलाम बना रखा था जिसकी आजादी के लिए अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम को उसके पास भेजा और साथ ही मूसा अलैहिस्सलाम को अल्लाह ने हुक्म दिया कि उसे एक खुदा पर ईमान लाने की दावत दो। लेकिन अल्लाह की साफ साफ निशानियां देखने के बाद भी फिरोन, न मूसा अलैहिस्सलाम की दावत पर ईमान लाया और न ही उसने बनी-इसराईल को गुलामी से आजाद किया। फिरोन की हटधर्मी के बाद अल्लाह की तरफ से मूसा अलैहिस्सलाम के लिए हुक्म आया कि आप बनी-इसराईल को लेकर मिस्र से निकल जाए। फिर मूसा अलैहिस्सलाम रातों रातों अपनी कौम को लेकर मिस्र से निकले तो फिरोन और उसके लश्कर ने आप अलैहिस्सलाम का पीछा किया। यहां तक कि बनी-इसराईल के आगे समुंदर आ गया और पीछे फिरोन का लश्कर। इसपर अल्लाह के हुक्म से मूसा अलैहिस्सलाम ने अपनी लाढ़ी को समुंदर पर मारा तो समुंदर दो हिस्सों में बट गया और बनी-इसराईल उससे गुजरकर समुंदर के पार पहुंच गई और जब फिरोन के लश्कर ने समुंदर से गुजरना चाहा तो अल्लाह ने समुंदर के पानी में फिरोन और उसके लश्कर को डूबोकर मार दिया। और उसी मिस्र के फिरोन के बारे में कुरआन में आता है कि हम फिरोन की लाश को बचा लेंगे ताकि आने वाली नस्लों के लिए इबरत की निशानी बनकर रहे।
وَ جٰوَزۡنَا بِبَنِیۡۤ اِسۡرَآءِیۡلَ الۡبَحۡرَ فَاَتۡبَعَہُمۡ فِرۡعَوۡنُ وَ جُنُوۡدُہٗ بَغۡیًا وَّ عَدۡوًا ؕ حَتّٰۤی اِذَاۤ اَدۡرَکَہُ الۡغَرَقُ ۙ قَالَ اٰمَنۡتُ اَنَّہٗ لَاۤ اِلٰہَ اِلَّا الَّذِیۡۤ اٰمَنَتۡ بِہٖ بَنُوۡۤا اِسۡرَآءِیۡلَ وَ اَنَا مِنَ الۡمُسۡلِمِیۡنَ
और हम बनी-इसराईल को समन्दर से गुज़ार ले गए। फिर फ़िरऔन और उसका लश्कर ज़ुल्म और ज़्यादती के मक़सद से उनके पीछे चले – यहाँ तक कि जब फ़िरऔन डूबने लगा तो बोल उठा, “मैंने मान लिया कि हक़ीक़ी ख़ुदा उसके सिवा कोई नहीं है जिसपर बनी-इसराईल ईमान लाए, और मैं भी फ़रमाँबरदारी में सिर झुका देनेवालों में से हूँ।”
[कुरआन 10:90]
آٰلۡئٰنَ وَ قَدۡ عَصَیۡتَ قَبۡلُ وَ کُنۡتَ مِنَ الۡمُفۡسِدِیۡنَ
[ जवाब दिया गया] “अब ईमान लाता है ! हालाँकि इससे पहले तक तू नाफ़रमानी करता रहा और बिगाड़ पैदा करनेवालों में से था।"
[कुरआन 10:91]
فَالۡیَوۡمَ نُنَجِّیۡکَ بِبَدَنِکَ لِتَکُوۡنَ لِمَنۡ خَلۡفَکَ اٰیَۃً ؕ وَ اِنَّ کَثِیۡرًا مِّنَ النَّاسِ عَنۡ اٰیٰتِنَا لَغٰفِلُوۡنَ
"अब तो हम सिर्फ़ तेरी लाश ही को बचाएँगे, ताकि तू बाद की नस्लों के लिये इबरत की निशानी बने। अगरचे बहुत-से इंसान ऐसे हैं जो हमारी निशानियों से ग़फ़लत बरतते हैं।”
[कुरआन 10:92]
आज तक वो मक़ाम जज़ीरानुमाए (प्रायद्वीप) सीना के मग़रिबी किनारे पर मौजूद है जहाँ फ़िरऔन की लाश समुद्र में तैरती हुई पाई गई थी, उसको मौजूदा ज़माने में जबले-फ़िरऔन (फ़िरऔन पर्वत) कहते हैं और उसी के क़रीब एक गर्म चश्मा (स्रोत) है जिसे मक़ामी आबादी ने हम्मामे-फ़िरऔन का नाम दे रखा है। ये अबू-ज़मीमा से कुछ मील ऊपर उत्तर की तरफ़ है और इलाक़े के लोग इसी जगह की निशानदेही करते हैं कि फ़िरऔन की लाश यहाँ पड़ी हुई मिली थी।
अगर ये डूबनेवाला वही मुन्फ़ता है जिसको मौजूदा ज़माने की खोज ने मूसा (अलैहि०) के ज़मानेवाला फ़िरऔन बताया है तो उसकी लाश आज तक क़ाहिरा के म्यूज़ियम में मौजूद है। 1907 ई० में सर ग्रांट इलीट स्मिथ ने उसकी ममी पर से जब पट्टियाँ खोलीं थीं तो उसकी लाश पर नमक की एक तह जमी हुई पाई गई थी जो खारे पानी में उसके डूबने की एक खुली निशानी थी।
रामासिस द्वितीय की लाश यानी फिरोन की लाश 1881 CE में डिस्कवर हुई और इसकी ये माइंड ब्लोइंग प्रिजर्वेशन देखकर हर कोई हैरान था ये उन मिस्र के फिरोनों में से था जिनकी बॉडी लार्गली इंटैक्ट थी। [सर टोनी रॉबिंसन]
और कुरआन ने हमको ये भी बताया की फिरोन खुदको खुदा ही मानता था।
فَحَشَرَ فَنَادٰی - ۖ فَقَالَ اَنَا رَبُّکُمُ الۡاَعۡلٰی
"और लोगों को जमा करके उसने पुकारकर कहा, मैं तुम्हारा सबसे बड़ा रब हूँ।"
[कुरआन 79:23-24]
और मॉडर्न आर्किलॉजिकल सर्वे ने ये भी साबित किया है जब ये फिरोन की मम्मी जिंदा थी तब इसने खुद के खुदा होने का दावा किया था इसने खुद के कई मंदिर भी बनवाए थे। [कोलीन मनासा, येल यूनिवर्सिटी][वफेह एल सेदिक, इजिप्शियन इजिप्टोलॉजिस्ट]
जिस समय ये कुरआन ने बताया था कि फिरोन की लाश को बचा लिया जायेगा उस समय दुनिया में किसी को भी नहीं पता था कि फिरोन की लाश बची भी है या नहीं? अगर फिरोन की लाश सुरक्षित है तो कहां है? ऐसे में 1881 CE में फिरोन की लाश का मिलना और आजतक उसका म्यूजियम में रखा होना एक ही बात साबित करता है कि ये कुरआन कोई इंसान लिख ही नहीं सकता।
जरा सोचें कि ये बात मुहम्मद ﷺ को किसने बताई कि फिरोन की लाश को बचा लिया जायेगा? और वो लाश हमको मिल भी जाती है। अल्लाह ने तो सबक़ और नसीहत लेनेवाली निशानियाँ दिखा दी है, हालाँकि ज़्यादातर इंसानों का हाल ये है कि किसी बड़ी-से-बड़ी इबरतनाक निशानी को देखकर भी उनकी आँखें नहीं खुलतीं।
By इस्लामिक थियोलॉजी
1 टिप्पणियाँ
अल्लाह एक है अल्लाह का कोई सानी नहीं है
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