Ek murtad shaks ka waqya

Ek murtad shaks ka waqya | islamic stories | inspirational stories


एक मुर्तद शख़्स का वाक़्या

एक शख़्स पहले ईसाई था। 

फिर वो इस्लाम में दाख़िल हो गया था। 

उसने सूरह बक़रा और आले-इमरान पढ़ ली थी और वो नबी (ﷺ) का मुंशी बन गया लेकिन फिर वो शख़्स मुर्तद होकर ईसाई हो गया और कहने लगा कि मुहम्मद (सल्ल०) के लिये जो कुछ मैंने लिख दिया है उसके सिवा उन्हें और कुछ भी मालूम नहीं। 

फिर अल्लाह तआला के हुक्म से उसकी मौत हो गई और उसके आदमियों ने उसे दफ़न कर दिया। 

जब सुबह हुई तो उन्होंने देखा कि उसकी लाश क़ब्र से निकलकर ज़मीन के ऊपर पड़ी है। 

ईसाई लोगों ने कहा कि ये मुहम्मद (ﷺ) और उसके साथियों का काम है। चूँकि उनका दीन उसने छोड़ दिया था इसलिये उन्होंने उसकी क़ब्र खोदी है और लाश को बाहर निकालकर फेंक दिया है। 

चुनांचे दूसरी क़ब्र उन्होंने खोदी जो बहुत ज़्यादा गहरी थी। 

लेकिन जब सुबह हुई तो फिर लाश बाहर थी। 

इस मर्तबा भी उन्होंने यही कहा कि ये मुहम्मद (ﷺ) और उनके साथियों का काम है चूँकि उनका दीन उसने छोड़ दिया था इसलिये उसकी क़ब्र खोदकर उन्होंने लाश बाहर फेंक दी है। 

फिर उन्होंने क़ब्र खोदी और जितनी गहरी उनके बस में थी करके उसे उसके अन्दर डाल दिया लेकिन सुबह हुई तो फिर लाश बाहर थी। 

अब उन्हें यक़ीन आया कि ये किसी इन्सान का काम नहीं है (बल्कि ये मय्यत अल्लाह तआला के अज़ाब में गिरफ़्तार है) चुनांचे उन्होंने उसे यूँ ही (ज़मीन पर) डाल दिया।


रावी: अबू हुरैरा رضي الله نه
सहीह बुख़ारी: 3617
Vol 4 book 56 number 814


सबक:

1.  नबी ﷺ का गुलाम होने से इंसान जन्नती नहीं होता बल्कि खुद के अमल उसके काम आएंगे ये नबी ﷺ का मुंशी था लेकिन नबी की निस्बत काम ना आई। 

2. नबी ﷺ पर झूठ बंधना गोया जहन्नम में ठिकाना बनाना है इसने नबी ﷺ को झूठा साबित किया तो अल्लाह ने ज़मीन इस पर हराम कर दी हमेशा के लिए जहन्नमी बना दिया। 

3. अल्लाह का कलाम लिखने वाले का बहुत मरतबा है कातिब ए वही होने के बाद भी ये मुर्तद हो गया पता चला हिदायत सिर्फ और सिर्फ अल्लाह देता है कोई नबी, वली हिदायत दे नहीं सकता। 

4. जो भी नबी ﷺ का इन्कार इल्म होने के बाद करेगा उसके लिए अल्लाह ने अज़ाब तय्यार कर रखा है। 

5. अल्लाह ने इससे काम ले लिया यानी वही लिखवा ली पता चला अल्लाह काफिरों से भी काम ले लेता है इसके दिल में इस्लाम को लेकर पहले से ही नफ़रत थी ज़ाहिरी मुस्लिम था बाद में मुर्तद हो गया।


Posted By Islamic Theology

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