Kya parinde (bird) ko pinjre (cage) mein rakhna haram hai?

Kya parinde (bird) ko pinjre (cage) mein rakhna haram hai?


परिंदे को पिंजरे मे रखना कैसा है?

कुछ लोगों को ये कहते हुए सुना हैं कि परिंदे को पिंजरे मे क़ैद नहीं करना चाहिए इस्लाम इसकी इजाज़त नहीं देता। हालांकि ऐसा कहना सहीह नहीं हैं परिंदे को पिंजरे मे भी रख सकते हैं और पाल भी सकते हैं। इस्लाम मे इसके ना पालने की मुमानियत (मना) नहीं है। 

हज़रत अनस रज़ि अन्हु बयान करते हैं, कि इनके भाई अबू उमेर ने एक चिड़िया पाल रखी थी। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब तशरीफ़ लाते तो पूछते थे:

يَا أَبَا عُمَيْرٍ مَا فَعَلَ النُّغَيْرُ نُغَرٌ کَانَ يَلْعَبُ بِه
ऐ अबू उमेर! "नुगैर (एक परिंदा) का क्या किया? वो बच्चा उस परिंदे से खेलता था।" [सहीह बुखारी-6129]

नोट: नुगैर (Nughayr) गौरेया के जैसी छोटी होती है, या कहा जाता था कि यह बुलबुल है।

इस हदीस से पता चला की हज़रत अनस रज़ि अन्हु के घर मे इनके भाई ने एक परिंदा पाल रखा था। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उसके बारेँ मे दरयाफ्त फरमाते। मगर आप ने इसे रखने से मना नहीं किया। तो मालूम हुआ के परिंदो को घर मे पालने की इजाज़त हैं। 


हाफ़िज़ इब्ने हजर असक़लानी रहिमाउल्लाह फरमाते हैं:

إن في الحديث دلالة على جواز إمساك الطير في القفص ونحوه
इस हदीस से परिंदो को पिंजरे मे बंद करने की दलील मिलती हैं,

ويجب على من حبس حيواناً من الحيوانات أن يحسن إليه ويطعمه ما يحتاجه لقول النبي
"परिंदे को रखने वाले पर वाज़िब हैं के वो उसके खाने वगैरा का खुसूसी एहतामाम करें।"
[फतह उल बारी 10/584]


क्या परिंदों का कारोबार जाएज़ है?

तो जब परिंदा पालना जाएज़ हैं तो इनका कारोबार भी जाएज़ हैं लेकिन इसके साथ जरूरी शर्त यह है कि इन जानवरों के हुकूक का ख्याल रखा जाए और इनकी हकतल्फी ना की जाए क्योंकि इनको खुराक मुहय्या ना करना बहुत बड़ा गुनाह है। 


नबी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया:

"एक औरत सिर्फ इसलिए जहन्नम में चली गई कि उसने एक बिल्ली बांध रखी थी लेकिन इसे ना तो खाना खिलाया और ना ही इसे जमीन में खुला छोड़ दिया कि वह हशरात ऐ अरद से पेट भर ले।" [सहीह बुखारी-2364]


तो इनका खास ख्याल रखा जाए। 


अल्लाह दीन समझने की तौफीक दे। 

दुआओं में याद रखे..... 


आपका दीनी भाई
मुहम्मद

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