Khulasa e Qur'an - surah 69 | surah al haqqah

Khulasa e Qur'an - surah | quran tafsir

खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (069) अल हाक़्क़ा


بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ


सूरह (069) अल हाक़्क़ा 


(i) रसूल को झुठलाने का अंजाम

क़यामत को झुठलाने के नतीजे में क़ौमे समूद सख़्त ज़लज़ले से, क़ौमे आद को सात रात और आठ दिन चलने वाली तूफ़ानी आंधी से, फ़िरऔन को समुद्र में डुबो कर और क़ौमे नूह को तूफ़ानी बारिश से अल्लाह ने तबाह व बर्बाद कर दिया। (3 से 12)


(ii) क़यामत का नक़्शा

जब पहला सूर फूंका जायेगा तो ज़मीन और पहाड़ एक ही चोट में चूर चूर हो जाएंगे, आसमान फटेगा और उसकी पकड़ ढीली हो जाएगी, उस रोज़ आठ फ़रिश्ते रब का अर्श उठाये हुए होंगे। उस दिन किसी की कोई बात छुपी हुई न होगी। (13 से 18)


(iii) नेक लोगों का अंजाम

नेक लोगों का कर्म पत्र उनके दाहिने हाथ में दिया जाएगा, वह पसन्दीदा सुखमय जीवन में होगा। ऊँचे बाग़ में जिसके फल झुके पड़ रहे होंगे। उन से कहा जाएगा, खाओ और पियो आनन्दपूर्वक, उन कर्मों के बदले में जो तुमने बीते दिनों में किये हैं। (19 से 24)


(iv) बुरे लोगों का अंजाम

बुरे लोगों का कर्मपत्र उनके बाएं हाथ में दिया जाएगा, उनका वहां कोई जिगरी दोस्त नज़र नहीं आएगा। दुनिया में कमाया हुआ माल, और इक़्तेदार भी कुछ काम नहीं आ सकेगा। उसे पकड़ कर जहन्नम में झोंक दिया जाएगा और सत्तर गज़ लम्बी ज़ंजीर में जकड़ दिया जाएगा क्योंकि वह दुनिया में न तो अल्लाह पर ईमान रखता था और न मिस्कीन को खाना खिलाने पर उकसाता था। पीप और ज़ख़्मों का धोवन उसका खाना होगा। (25 से 37)


आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही

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