खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (061) अस सफ़्फ़
सूरह (061) अस सफ़्फ़
(i) क़ौल व अमल
क़ौल व अमल में तज़ाद (विरोधाभास) अल्लाह को सख़्त ना पसंद है। (2, 3)
(ii) अल्लाह किस से मुहब्बत करता है?
अल्लाह उनसे मुहब्बत करता है जो सीसा पिलाई हुई दीवार बन कर जद्दोजहद करते हैं। (4)
(iii) मोमिन कैसा हो?
मोमिन अपने रसूल और दीन के साथ ऐसे न हों जैसे कि बनी इस्राईल मूसा अलैहिस्सलाम को तंग करते रहे और ईसा अलैहिस्सलाम को खुली निशानियां देखने के बावजूद झुठलाते रहे। (5, 6)
(iv) ज़ालिम कौन
बड़ा ज़ालिम वह है जिसको इस्लाम की दावत दी जाय और वह उसे झुठला दे। (7)
(v) फूंको से यह चिराग़ बुझाना
फूंको से यह चिराग़ बुझाया न जाएगा बल्कि अल्लाह अपने नूर को पूरा कर के रहेगा। (8)
(vi) अल्लाह ने रसूल को क्यों भेजा?
अल्लाह ने अपने रसूल को हिदायत और दीने हक़ के साथ भेजा है ताकि तमाम अदयान पर ग़ालिब करदे। (9)
(vii) सबसे अच्छी तिजारत जिसका बदला जन्नत और अल्लाह की रज़ा है
◆ अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान,
◆ जान व माल से अल्लाह की राह में संघर्ष करना। (11, 12)
(viii) अल्लाह की मदद का ऐलान
ईमान वाले अल्लाह की मदद का वैसे ही ऐलान करें जैसे ईसा अलैहिस्सलाम के हुवारियों ने ऐलान किया था कि "हम हैं अल्लाह के रास्ते में आप के मददगार" (14)
आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही
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