जैक पार्सन : अंतरिक्ष यात्रा और दज्जाल
पार्सन के बिना , नील अस्ट्रॉन्ग कभी चाँद पर कदम नहीं रख पाते और अमेरिका की आर्मी की ताक़त आज के मुकाबले में अंश भर होती।
जैक पार्सन ने एक रिसर्च सेण्टर स्थापित किया जिसे नासा ने मान्यता भी दी जिसका नाम था जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) जो अब भी अमेरीका के स्पेस ट्रेवल में अग्रणी है और मार्स पर रोबोट भेज रही है।
तो जब जैक पार्सन ने अमेरिका के लिए इतना कुछ किया तो उसे इस तरह भुला क्यों दिया गया ? जैक पार्सन रहस्यमयी हरकतें इस का जवाब हैं। ये satanist, occultist (शैतान के पुजारी) थे। इन्होने इस तरह के बयान भी दिए थे के इनकी डिस्कवरीज में इन्हे तंत्र और काली शक्तियों से मदद मिली है। नासा ने इसी वजह से इनके नाम से खुद को दूर कर लिया, मगर इनके रिसर्च सेंटर अभी भी नासा के लिए काम करता है , उसका नाम अब बदल दिया गया है।
अपनी जिंदगी के अंतिम कुछ वर्षों में जैक पार्सन ने अपना नाम बदल कर बेलारिओंन अर्मिलस अल दज्जाल एंटीक्राइस्ट रख लिया था।
दुनिया के सबसे दुष्ट आदमी का अनुयायी
जैक पार्सन को जानने के लिए एलिस्टर क्रोली (1875-1947) को जानना ज़रूरी है जो अपने तंत्र विद्या के लिए मशहूर था। इसके बारे में ज्यादा गहरायी हुए इनके बारे में इतना बताना काफी होगा इन्हे "दुनिया का सबसे दुष्ट आदमी (the wickedest man in the world)" का ख़िताब मिला था ( BBC की डॉक्यूमेंट्री का नाम जो इनकी जीवनी पर आधारित थी ) और ये खुद को "द ग्रेट बीस्ट 666" कहता था।
ये ईसाई धर्म की शिक्षा की खिलाफ एक फ़लसफ़ा दिया जिसमे तंत्र और शहवत के बारे में काफी कुछ कहा गया। सीधे तौर पे ये समझ लें पूरी तरह शैतान के फलसफे पर चल रहा था।
कई बड़ी हस्तियां क्रोली अनुयायी बनी, और कुछ म्यूजिक और आर्टिस्ट ने उसे अपने कवर पर भी जगह दी। जैक पार्सन ने एलिस्टर क्रोली के काम को 1930 में जाना, और संपर्क किया।
एलिस्टर क्रोली भी जैक पार्सन से प्रभावित हुआ और अपनी संस्था ordo templi orients का लीडर बना दिया। मगर जैक पार्सन को इससे कहीं ज्यादा चाहिए था। वो अपने गुरु से कहीं ज्यादा आगे जाना चाहता था।
जैक पार्सन के रहस्यमयी एक्सपेरिमेंट्स-
जैक पार्सन दिन में सम्मानीय राकेट इंजीनियर और रात में शैतान के पुजारी की दोहरी जिंदगी गुज़ार रहे थे।
जैक पार्सन, एलिस्टर क्रोली से बहुत ज्यादा मुतासिर थे और जानना चाहते थे के जो कुछ एलिस्टर क्रोली ने अपनी किताबों में लिखा है क्या वो वाक़ई में संभव है या नही, और उसे एक्सपेरिमेंट करके देखना चाहते थे। उनके बारे में जो जानकारी मिलती है
जैक पार्सन अपनी मंगेतर के साथ एक फहश और शैतानी एक्सपेरिमेंट के दौरान एक ऐसा बच्चा पैदा करने का एक्सपेरिमेंट कर रहे थे जो इंसान से हटकर और बढ़ कर हो, उसमे जादुई शक्तियां हो , इसका नाम मून चाइल्ड रखा था। इनकी हरकतें इतना रहस्यमयी थी के पड़ोसियों ने कई तरह की बातें बनाना शुइरु कर दी थीं. एक ऐसी ही तंत्र का रसम अदा करने को इनकी प्रेग्नेंट मंगेतर को आग में 9 बार कूद कर पार गुज़ारना था जिससे बच्चे की डिलीवरी सुरक्षित हो जाये लेकिन इसी दौरान पड़ोसियों ने हंगामा कर दिया और पुलिस बुला ली और इसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद ये एक्सपेरिमेंट कामयाब हुआ या नहीं इसके बारे में जानकारी बाहर नहीं आ पाया।
इस मून चाइल्ड एक्सपेरिमेंट को एक मूवी में भी दिखाया गया है, जिसका नाम है रोजमेरी'ज़ बेबी। एलिस्टर क्रोली ने जो कुछ लिखा था, और पारसन का दावा था के वो एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। इस मूवी पे इलज़ाम लगे के इसमें कुछ दिखाया गया है वो इसी एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है। और इस मूवी के प्रोडूसर की प्रेग्नेंट बीवी की हत्या भी तंत्र मंत्र के बलि जैसी हो गयी थी जिसपे उस वक़्त कई सवाल खड़े हूए थे।
जैक पार्सन की मौत भी बहुत ही रहस्यमयी तरीके से हुई थी , एक एक्सपेरिमेंट के दौरान एक भयंकर आग लगने के हादसे में उसे अपनी जान से हाथ धोना पढ़ गया। ये जानकारी उनके अनुयायी और शिष्य ने उनकी बायोग्राफी में साझा की है।
इसमें से सच कितना है ये तो अल्लाह ही को मालूम है मगर ये जानकारी पब्लिक डोमेन में है। अपनी जिंदगी के अंतिम कुछ वर्षों में जैक पार्सन ने अपना नाम बदल कर बेलारिओंन अर्मिलस अल दज्जाल एंटीक्राइस्ट रख लिया था।
-फ़िज़ा खान
रिफरेन्स -
2 टिप्पणियाँ
Masha Allah
जवाब देंहटाएंA very nice
Jazak ALLAH
जवाब देंहटाएंकृपया कमेंट बॉक्स में कोई भी स्पैम लिंक न डालें।