Jack Parsons: Space Travel Aur Dajjal

Jack Parsons: Space Travel Aur Dajjal

जैक पार्सन : अंतरिक्ष यात्रा और दज्जाल 

आजकल एलन मस्क की नयी नयी टेक्नोलॉजी और बड़ी बड़ी आकांक्षांएं किसी से छुपी नहीं हैं , उसमे से एक है मार्स पर इंसान को बसाना और ट्रांस ह्यूमन विज़न, इंसान की ब्रेन में चिप इनस्टॉल करना जिससे वो इलेक्ट्रॉनिक्स अपने दिमाग से कण्ट्रोल कर सके। इस तरह के सपने देखने वाले और ऐसी आकांक्षाएं रखने वाले मस्क पहले नहीं है।  इनसे पहले एक और जीनियस गुजर चुके हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं , क्युकी वो इतने मशहूर नहीं हुए थे। 

जैक पार्सन (1914 -1952) अपने ज़माने में ज्यादा मशहूर नहीं थे मगर वो भी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम कर रहे थे और एरोस्पेस इंजीनियरिंग को रहस्यमयी कामो के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे।

विज्ञान के इतिहास में ये कहानी अभूतपूर्व है- जैक पार्सन को अमेरिकन रॉकेटरी का जनक कहा गया। वो भी वर्नर वॉन ब्रौन द्वारा जो खुद नाजी जर्मनी में रॉकेट प्रौद्योगिकी के अग्रणी थे, और आगे चलकर यूनाइटेड स्टेट में काम किया। 
जैक पार्सन के शोध (1930 -40 ) राकेट टेक्नोलॉजी में अभूतपूर्व काम किया, जिसके कारण ही स्पेस ट्रेवल संभव हो सका। रसायन विज्ञानं के ज्ञाता होने के वजह से उनका कमाल का आईडिया एस्फाल्ट और पोटैशियम परक्लोरेट से मिला कर कम्पोजिट सॉलिड प्रोपोलेंट (राकेट का ठोस ईंधन ) बना। आज के राकेट का ईंधन इसी से बनता है।  उनके बारे में न्यूयोर्क पोस्ट  अख़बार में छपता है -
पार्सन के बिना , नील अस्ट्रॉन्ग कभी चाँद पर कदम नहीं रख पाते और अमेरिका की आर्मी की ताक़त आज के मुकाबले में अंश भर होती।  

जैक पार्सन ने एक रिसर्च सेण्टर स्थापित किया जिसे नासा ने मान्यता भी दी जिसका नाम था जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) जो अब भी अमेरीका के स्पेस ट्रेवल में अग्रणी है और मार्स पर रोबोट भेज रही है। 

तो जब जैक पार्सन ने अमेरिका के लिए इतना कुछ किया तो उसे इस तरह भुला क्यों दिया गया ? जैक पार्सन  रहस्यमयी हरकतें इस का जवाब हैं। ये satanist, occultist (शैतान के पुजारी) थे। इन्होने इस तरह के बयान भी दिए थे के इनकी डिस्कवरीज में इन्हे तंत्र और काली शक्तियों से मदद मिली है। नासा ने इसी वजह से इनके नाम से खुद को दूर कर लिया, मगर इनके रिसर्च सेंटर अभी भी नासा के लिए काम करता है , उसका नाम अब बदल दिया गया है। 

अपनी जिंदगी के अंतिम कुछ वर्षों में जैक पार्सन ने अपना नाम बदल कर बेलारिओंन अर्मिलस अल दज्जाल एंटीक्राइस्ट  रख लिया था। 

दुनिया के सबसे दुष्ट आदमी का अनुयायी 

जैक पार्सन को जानने के लिए एलिस्टर क्रोली (1875-1947) को जानना ज़रूरी है  जो अपने तंत्र विद्या के लिए मशहूर था।  इसके बारे में ज्यादा गहरायी  हुए इनके बारे में इतना बताना काफी होगा इन्हे "दुनिया का सबसे दुष्ट आदमी (the wickedest man in the world)" का ख़िताब मिला था ( BBC की डॉक्यूमेंट्री का नाम जो इनकी जीवनी पर आधारित थी ) और ये खुद को "द ग्रेट बीस्ट 666" कहता था। 

ये ईसाई धर्म की शिक्षा की खिलाफ एक फ़लसफ़ा दिया जिसमे तंत्र और शहवत के  बारे में काफी कुछ कहा गया। सीधे तौर पे ये समझ लें पूरी तरह शैतान के फलसफे पर चल रहा था। 

कई बड़ी हस्तियां क्रोली अनुयायी बनी, और कुछ म्यूजिक और आर्टिस्ट ने उसे अपने कवर पर भी जगह दी। जैक पार्सन ने एलिस्टर क्रोली के काम को 1930 में जाना, और संपर्क किया। 

एलिस्टर क्रोली भी  जैक पार्सन से प्रभावित हुआ और अपनी संस्था ordo templi orients का लीडर बना दिया। मगर  जैक पार्सन को इससे कहीं ज्यादा चाहिए था।  वो अपने गुरु से कहीं ज्यादा आगे जाना चाहता था। 

जैक पार्सन के रहस्यमयी एक्सपेरिमेंट्स-

जैक पार्सन दिन में सम्मानीय राकेट इंजीनियर और रात में शैतान के पुजारी की दोहरी जिंदगी गुज़ार रहे थे। 

जैक पार्सन, एलिस्टर क्रोली से बहुत ज्यादा मुतासिर थे और जानना चाहते थे के जो कुछ एलिस्टर क्रोली ने अपनी किताबों में लिखा है क्या वो वाक़ई में संभव है या नही, और उसे एक्सपेरिमेंट करके देखना चाहते थे। उनके बारे में जो जानकारी मिलती है 

Jack Parsons: Space Travel Aur Dajjal

जैक पार्सन अपनी मंगेतर के साथ एक फहश और शैतानी एक्सपेरिमेंट के दौरान एक ऐसा बच्चा पैदा करने का एक्सपेरिमेंट कर रहे थे जो इंसान से हटकर और बढ़ कर हो, उसमे जादुई शक्तियां हो , इसका नाम मून चाइल्ड रखा था।  इनकी हरकतें इतना रहस्यमयी थी के पड़ोसियों ने कई तरह की बातें बनाना शुइरु कर दी थीं. एक ऐसी ही तंत्र का रसम अदा करने को इनकी प्रेग्नेंट मंगेतर को आग में 9 बार कूद कर पार गुज़ारना था जिससे बच्चे की डिलीवरी सुरक्षित हो जाये लेकिन इसी दौरान पड़ोसियों ने हंगामा कर दिया और पुलिस बुला ली और इसे पुलिस ने रोक दिया।  इसके बाद ये एक्सपेरिमेंट कामयाब हुआ या नहीं इसके बारे में जानकारी बाहर नहीं आ पाया। 

Jack Parsons: Space Travel Aur Dajjal

इस मून चाइल्ड एक्सपेरिमेंट को एक मूवी में भी दिखाया गया है, जिसका नाम है रोजमेरी'ज़ बेबी। एलिस्टर क्रोली ने जो कुछ लिखा था, और पारसन का दावा था के वो एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं।  इस मूवी पे इलज़ाम लगे के इसमें  कुछ दिखाया गया है वो इसी एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है। और इस मूवी के प्रोडूसर की प्रेग्नेंट बीवी की हत्या भी तंत्र मंत्र के बलि जैसी हो गयी थी जिसपे उस वक़्त कई सवाल खड़े हूए थे।  

जैक पार्सन की मौत भी बहुत ही रहस्यमयी तरीके से हुई थी , एक एक्सपेरिमेंट के दौरान एक भयंकर आग लगने के हादसे में उसे अपनी जान से हाथ धोना पढ़ गया।  ये जानकारी उनके अनुयायी और शिष्य ने उनकी बायोग्राफी में साझा की है। 

इसमें से सच कितना है ये तो अल्लाह ही को मालूम है मगर ये जानकारी पब्लिक डोमेन में है।  अपनी जिंदगी के अंतिम कुछ वर्षों में जैक पार्सन ने अपना नाम बदल कर बेलारिओंन अर्मिलस अल दज्जाल एंटीक्राइस्ट रख लिया था।  

-फ़िज़ा खान 

रिफरेन्स -

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