Seerat Ali bin Abi Talib RaziAllahu Anhu (Tahreer No. 20)

Seerat Ali bin Abi Talib RaziAllahu Anhu


सीरत-ए सय्यदना अली बिन अबी तालिब रज़ियल्लाहु अन्हु

[तहरीर नंबर 20]


22. ख़लीफ़तुल मुस्लिमीन के इंतिख़ाब में सहाबा किराम रज़ियल्लाहु अन्हु पर जानिबदारी की तोहमत

शियी रिवायत, सहाबा किराम रज़ियल्लाहु अन्हु पर ये तोहमत लगाती हैं कि उन्होंने ख़लीफ़ा का इंतिख़ाब में जानिबदारी से काम लिया और सय्यदना अ़ली रज़ियल्लाहु अन्हु इस मुहिम की ज़िम्मेदारी अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ रज़ियल्लाहु अन्हु को सौंपे जाने से मुत्म़इन न थे, चुनाँचे अबू मिख़्नफ़ और हिशाम कल्बी अपने बाप और अह़मद अल्जौहरी से रिवायत करते हैं कि उ़मर रज़ियल्लाहु अन्हु  ने तरफ़ैन के वोट बराबर होने की सूरत में जिस तरफ़ अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ हो उसको तर्जीह़ दी और अ़ली रज़ियल्लाहु अन्हु को भी एहसास हो गया कि अब ख़िलाफ़त उनके हाथों में आने वाली नहीं है, इसलिए कि अब्दुर्रहमान ससुराली क़राबतदारी का लिहाज़ करेंगे और उ़स्मान  ही को तर्जीह़ देंगे।

इमाम इब्ने तैमिया रहमतुल्लाह अलैह‌ ने उ़स्मान और अब्दुर्रहमान रज़ियल्लाहु अन्हु के दरम्यान किसी भी ख़ानदानी क़राबत या रिश्तेदारी की तर्दीद की है। आप फर्माते हैं : सय्यदना अबदुर्रहमान बिन औ़फ़ रज़ियल्लाहु अन्हु , उ़स्मान रज़ियल्लाहु अन्हु के न हक़ीक़ी भाई थे, न अम्मज़ाद भाई थे, और न ही उनके क़बीले के थे। उनका ताल्लुक़ बनू जौहरा से था और उ़स़्मान रज़ियल्लाहु अन्हु का ताल्लुक़ बनू उमय्या से और बनू ज़ौहरा का बनू उमय्या के मुक़ाबले बनू हाशिम की तरफ़ ज़्यादा मैलान था, इसलिए कि रसूल ﷺ का ननिहाल था, और इसी क़बीले से अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ रज़ियल्लाहु अन्हु और सअ़द बिन अबी वक़्क़ास रज़ियल्लाहु अन्हु थे, वोह सअ़द जिनके बारे में रसूल ﷺ ने फ़र्माया था, "ये मेरे मामूँ हें कोई मुझे इन जैसा अपना मामूँ दिखाए।" [सहीह सुनन तिर्मिज़ी: 4018]

दूसरी बात ये है कि इन दोनों के दरम्यान रिश्ता मुवाख़ात का भी कोई तसव्वुर दुरुस्त नहीं, क्योंकि रसूल ﷺ ने मुहाजिरीन का आपस में, या अंसार का आपस में मुवाख़ात नहीं कराया था बल्कि ये मुवाख़ात मुहाजिरीन व अंसार के बीच क़ायम हुई थी, उन्हीं मुहाजिरीन में से अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ रज़ियल्लाहु अन्हु थे जिनका रिश्ता मुवाख़ात सअऊद बिन रबीअ़ अंसारी रज़ियल्लाहु अन्हा से हुआ था। [सहीह बुखारी: 3780] 

ये बात सही अहादीस से साबित और मशहूर है और अहले इल्म से मख़्फ़ी नहीं है। [मिन्हाजुस्सुन्नतुन् नबवियतु : 6/271, 272]

शियी रिवायात ने दोनों हज़रात में ससुराली रिश्ता के हवाले से अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ रज़ियल्लाहु अन्हु पर जानिबदारी की तोहमत तो लगा दी लेकिन ये मुसल्लमा हक़ीक़त भुला दिया कि नसबो ख़ानदान का रिश्ता, ससुराली रिश्ते से कहीं ज़्यादा क़वी और बाअ़सर होता है, नीज़ इस पहलू पर ग़ौर नहीं किया कि दौरे अव्वल के मुसलमानों के ताल्लुक़ात का मिज़ाज क्या था? वोह भूल गए कि इनके ताल्लुक़ात की बुनियादें ख़ानदानी व ससुराली क़राबतदारियाँ न थी, बल्कि इस्लामी उख़ुव्वत थी और अब्दुर्रहमान बिन औ़फ़ और उ़स्मान रज़ियल्लाहु अन्हु के बीच ससुराली रिश्ते की नोइयत बस इतनी थी कि वलीद की बहन उम्मे कुलसूम बिन्ते उ़क़्बा बिन अ़बी मुईत़, अब्दुर्रहमान रज़ियल्लाहु अन्हु की ज़ौजियत में थीं। [अत्त़ब्क़ातुल कुब्रा : 3/127]


सीरीज सीरते सय्यदना अ़ली बिन अबी त़ालिब रज़ियल्लाहु अन्हु तहरीर नंबर 20 आगे जारी है इंशाअल्लाह गुजारिश है इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। 

जज़ाकुमुल्लाहु ख़ैरन


Team Islamic Theology

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