Khulasa e Qur'an - surah 95 | surah at tin

Khulasa e Qur'an - surah | quran tafsir

खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (095) अत तीन


بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ


सूरह (095) अत तीन


(i) इंसान दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मख़लूक़ है

तीन, ज़ैतून, तूरे सीना और शहरे मक्का की क़सम खा कर इंसान को यह बताया गया है कि इंसान को बेहतरीन साख़्त (structure) पर पैदा किया गया है। (1 से 4)


(ii) इंसान दुनिया की बदतर मख़लूक़ भी है 

मनुष्य की वह सुंदरता उसी समय तक रहती है जब तक अपने ईमान और नेक अमल के ज़रिए सौन्दर्यकरण किए रखता है। वरना वह अल्लाह का इंकार,आख़िरत का इंकार और अपने बुरे आमल की बदौलत अपनी मानवता खो कर बदतरीन मख़लूक़ बन जाता है। (5 से 8)


आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही

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