Khulasa e Qur'an - surah 84 | surah al inshiqaq

Khulasa e Qur'an - surah | quran tafsir

खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (084) अल इनशेक़ाक़


بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ


सूरह (084) अल इनशेक़ाक़


(i) क़यामत की हौलनाकी

आसमान फट जाएगा, ज़मीन फैलाई जायेगी वह अपना बोझ निकाल कर बाहर फेंक देगी, यह सब रब के आदेश से होगा। (1 से 5) 


(ii) नेक और बुरे लोगों का अंजाम

जिनके दाहिने हाथ में आमाल नामा दिया जाएगा उनका हिसाब आसान होगा और वह अपने घर वालों में बहुत ख़ुश होंगे। जिनके पीठ के पीछे से आमाल नामा दिया जाएगा वह मौत को पुकारेंगे, दुनिया में उन्होंने बड़े मज़े किये थे अब जहन्नम में जाएंगे। (7 से 15)


(iii) अल्लाह के यहां सब महफ़ूज़ है

इंसान अपने पालनहार की ओर खिंचता चला जा रहा है, एक हालत से दूसरी हालत में तब्दीली होती है फिर भी यह ईमान नहीं लाते और जब क़ुरआन की तिलावत हो तो सज्दा नहीं करते हालांकि इंसान के तमाम काम महफ़ूज़ (record) किये जा रहे हैं। (06, 16 से 24)


आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही

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