Khulasa e Qur'an - surah 102 | surah at takasur

Khulasa e Qur'an - surah | quran tafsir

खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (102) अत तकासुर


بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ


सूरह (102) अत तकासुर


माल व दौलत की ज़्यादती इंसान को ऐसा अंधा कर देती है कि क़ब्र में जाने का समय कब आ जाता है एहसास ही नहीं होता। दूसरी बात यह है कि कुछ लोग आख़िरत का इंकार करते हैं जबकि कुछ ऐसे लोग भी हैं जो आख़िरत के क़ायल तो हैं लेकिन जब कोई काम करते हैं तो आख़िरत का तसव्वुर उनके दिल से ग़ायब हो जाता है और यह एहसास नहीं रहता कि जो नेअमतें उन्हें दी गई हैं उनके बारे में भी सवाल होगा। उस दिन आख़िरत और जहन्नम दोनों को वह अपने सामने देख लेंगे (1 से 8)


आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही

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