Khulasa e Qur'an - surah 100 | surah adiyat

Khulasa e Qur'an - surah | quran tafsir

खुलासा ए क़ुरआन - सूरह (100) अल आदियात


بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ


सूरह (100) अल आदियात


(i) घोड़ा अपने मालिक का कितना वफ़ादार होता है

घोड़ा फुंकारे मारते हुए दौड़ पड़ता है, टापों से चिंगारियां झाड़ता है, सुबह सवेरे छापा मारता है, धूल और ग़ुबार उड़ाता है फिर दुश्मनों के लश्कर में जा घुसता है। (1 से 5)


(ii) लेकिन इंसान अपने रब का कितना नाफ़रमान है

इंसान माल व दौलत की मुहब्बत में अंधा होकर अपने रब का नाशुक्रा बन जाता है। क्या उसे नहीं पता कि एक दिन क़ब्रें उधेड़ कर जो कुछ है सब बाहर निकाल लिया जाएगा, उसे अपनी नाफ़र्मानियों की सख़्त सज़ा मिलकर रहेगी। (6 से 11)


आसिम अकरम (अबु अदीम) फ़लाही

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